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Nov 22, 2016
Mar 14, 2016
May 31, 2013
Apr 22, 2013
The Earth Day
The Earth Day : 22 April
पृथ्वी तू है सबकी माता , सबको देती जीवन दान
सदा भरा भण्डार अनूठा , सुख पाती हर संतान
# JangidML/20130422
Apr 14, 2013
Mar 30, 2013
Dec 23, 2012
चिंगारी
एक चिंगारी ने किया , रोशन सहस्त्र मशाल
रुकते नहीं वे बढ़ चले , चढ़ते काल के भाल
*********
कुदरत ने बनाया , नर - नारी एक समान
नारी पर अत्याचार क्यों, क्यों करते है अपमान
*********
नूतन वर्ष शुभ बने , सपने हों साकार
स्वस्थ सुखद हो जिंदगी , अकूत रहे भण्डार
* JANGID/20121224
Oct 6, 2012
अजीब सा है संजोग
हम सुधरेंगे , घर सुधरेगा, मौहल्ला फिर सुधरेगा
गाँव गाँव , शहर शहर, फिर देश समस्त सुधरेगा
MLJ / 16.9.2011
न रूप, न रंग , न है आदि और न ही अंत
निशाँ वो पक्का छोड़ता , कहते है उसको वक्त
MLJ / 17.9.2011
वक्त करता घायल कभी, वक्त ही सिलता घाव को
मंझधार से किनारा लाता कभी, डुबाता कभी ये नाव को
MLJ / 17.9.2011
आकाश से परे आकाश और,ब्रह्माण्ड के आगे ब्रह्माण्ड कई
मानव जीवन न आता दोबारा, चाहे असंख्य हो संसार कई
MLJ / 17.9.2011
बेटी पहले देना दाता , बेटा अगली बार
धन दौलत न मांगू तुमसे, देना सुखी परिवार
MLJ / 3.9.2011
घर घर घी के दीपक रोशन, खुश हो हर दिल का कोना
शुभ दीपावली मंगलमय हो, बरसे घर घर सोना
MLJ /26 .10.2011
कुए कुए भांग पड़ी है, घर घर स्याह अन्धेरा
सूरज कोई नया उगेगा , प्रफुल्लित होगा सवेरा
MLJ / 11.9.2011
अकर्मण्य , सवेंदनहीन, दायित्वों से भाग रहे है लोग
अकर्मण्य , सवेंदनहीन, दायित्वों से भाग रहे है लोग
फिर भी चल रहे देश और दुनिया , अजीब सा है संजोग
MLJ / 9.12.2011
Mar 12, 2012
स्पंदन ( काव्य )
शिक्षा, संस्कार, सेवा और जागृत समर्पण भाव
संपर्क, सहयोग हो सदा, सुख दुःख में सम - भाव
संगठित,स्वाभिमानी समाज, सुसभ्य करे विकास
समस्त मिल-जुल कर रहे, " मोहन " करे प्रयास
***
कर्म ही पूजा , कर्म ही ईश्वर, कर्म ही जगत आधार
कर्म बिना तो मानव जीवन, इस भू पर है भार
कर्म गति पर होता निर्भर , फलदायी व्यापार
कर्म बिना तो " मोहन " होता, विषदायी आहार
***
भाग्य - भरोसे हीन - जन , पाते दुःख अपार
ज्यों तूफ़ान में घिरा हुआ, बिन प्रक्रम डूबे मंझधार
खुद ही भाग्य विधाता , लेकिन ढूढें यहाँ वहां
" मोहन " ऐसे लोगों से , भरा हुआ है ये संसार
Jan 30, 2012
महात्मा गाँधी
काली थी तीस जनवरी , गोली ले गई जान हत्यारी
ये खून गाँधी का ही नहीं था, खून से सनी जनता सारी
* * *
सत्य अहिंसा की ढाल से , भारत ये आजाद हुआ
ये खून गाँधी का ही नहीं था, खून से सनी जनता सारी
* * *
सत्य अहिंसा की ढाल से , भारत ये आजाद हुआ
हे राम ! तेरे ही देश में , अपनों से बर्बाद हुआ
* * *
इतने निष्ठुर अंग्रेज भी न थे, संघर्ष किया था वर्षों तक
आजाद भारत ने दी मौत , दिया नहीं जीवन जीने का हक़
* * *
लाठी धोती खादी चरखा , सत्य अहिंसा से तीखे वार
शासन विदेशी हिल गया, छोड़ भागे देश और व्यापार
* * *
जैसा सोच, वैसा ही व्यवहार, सरल सादगी ,शुद्ध आहार
सत्याग्रह के नए हथियार से लड़े , कभी नहीं मानी हार
* * *
जीवन भर अहिंसा से लड़ने वाले , तोप बन्दूक के आगे न छुकने वाले
आज ये क्या हो गया गाँधी तेरे ही आँगन , कांपें क्यों न हाथ गोली वाले
* * *
@ JANGIDML /20120130
शासन विदेशी हिल गया, छोड़ भागे देश और व्यापार
* * *
जैसा सोच, वैसा ही व्यवहार, सरल सादगी ,शुद्ध आहार
सत्याग्रह के नए हथियार से लड़े , कभी नहीं मानी हार
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जीवन भर अहिंसा से लड़ने वाले , तोप बन्दूक के आगे न छुकने वाले
आज ये क्या हो गया गाँधी तेरे ही आँगन , कांपें क्यों न हाथ गोली वाले
* * *
@ JANGIDML /20120130
Jan 9, 2012
माँ
- सूना है इसके बिना परिवार , माँ बिना नहीं है संसार
- माँ की ममता का नहीं है मोल , पैसे से न इसको तौल
- निश्वार्थ है माँ का प्यार, वो ही कराती भव सागर पार
- माँ दे सकती अपनी जान, अरे नादाँ तू मत कर अपमान
- भूखी प्यासी दुर्बल माता , होकर बड़ा तू भूल क्यों जाता
- मान-सेवा ना कोई चाहत , रूखे बोल से होती वो आहत
- इससे बड़ा न कोई दाधीच , रिणी बहुत तू ना आँखे मींच
- स्वर्ग न मिलेगा माँ बिना , आशीर्वाद जब तक ना इसका मिला
- ईश भी झुकता माँ के आगे, मांग ले तू जो कुछ भी मांगे
- संस्कार शिक्षा है इसकी देन, समझ ले इसके बिन बोले नैन
- धरती छोटी आकाश भी छोटा, माँ का दिल कभी ना खोटा
- jangid ml /20120109
Dec 28, 2011
सच्चे एक अकेले
हंसों की सभा में , अब अग्रणी हुए काग
सयानी गिलहरी समझा , निकले काले नाग
सत्ता शासन मजबूर है , काबिज़ हुए लादेन
मक्खन मलाई खा रहे, निर्बल चाटे फेन
बदमाशों का समूह होता, सच्चे एक अकेले
खोटे कर कर बढ़ चले , सच्चे गए धकेले
काम का बोझा वो ढोए , समझे जो अपना मान
बिन किए सम्मान बटोरे, कर्मठ खालिश नाम
काम बिना दमड़ी मिले, सम्मान मिले अपार
बातें कर कर उम्र कटे, भगवन भी लाचार
- JANGID MOHAN / 28-12-2011
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