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May 31, 2013

World No Tobacco Day, 31 May 2013




बीड़ी सिगरेट नसवार तम्बाकू , सबको करे अनाथ  
मौत  की  है  ये बड़ी सौदागर, जकड़े, न छोड़े  साथ 
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ह्रदय रोग और केंसर घेरे, सांस चले  फिर उखड़ी उखड़ी 
दांत गला सब धुंए सा बन, इंसान घिरे ज्यों नोचे मकड़ी 

* JangidML /20130531 *

Apr 22, 2013

The Earth Day

The Earth Day : 22 April


पृथ्वी तू है सबकी माता , सबको देती जीवन दान 
सदा  भरा  भण्डार  अनूठा , सुख पाती  हर संतान 

# JangidML/20130422

Apr 14, 2013

Dr. B.R.Ambedkar


डॉ . भीमराव रामजी आंबेडकर 
(14 अप्रैल,1891  *  6 दिसम्बर , 1956)


" बाबा " धरती पुत्र तू ,  कर्म-ज्ञान  से बना  महान 
रोशन कर दी राहें सबकी,मानवता को दिया मान 
                                             
# JANGIDML / 20130414

Mar 30, 2013

Rajasthan Divas : 30 March


* राजस्थान दिवस : 30 मार्च  के अवसर पर शुभ कामनाएं *


एक रहे हम ,एक है हम, हम सदा रहेंगें एक 
"माणस धरती धोरां रा", भक्त, शूर और नेक 
                                                                                            - MOHN:20130330

Dec 23, 2012

चिंगारी

एक चिंगारी ने किया , रोशन सहस्त्र मशाल 
रुकते नहीं वे बढ़ चले , चढ़ते काल के  भाल 

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कुदरत   ने   बनाया ,  नर - नारी   एक   समान 
नारी पर अत्याचार क्यों, क्यों करते है अपमान 

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नूतन   वर्ष   शुभ   बने ,  सपने  हों  साकार 
स्वस्थ सुखद हो जिंदगी , अकूत रहे भण्डार 

                         * JANGID/20121224

Oct 6, 2012

अजीब सा है संजोग

हम सुधरेंगे , घर सुधरेगा, मौहल्ला फिर सुधरेगा 
गाँव गाँव , शहर शहर, फिर देश समस्त सुधरेगा 
                                                   MLJ / 16.9.2011


न  रूप, न  रंग , न है  आदि और  न  ही  अंत
निशाँ वो पक्का छोड़ता , कहते है उसको वक्त  
                                             MLJ / 17.9.2011


वक्त  करता  घायल  कभी, वक्त  ही  सिलता  घाव     को
मंझधार से किनारा लाता कभी, डुबाता कभी ये नाव को
                                                             MLJ / 17.9.2011


आकाश से परे आकाश और,ब्रह्माण्ड  के आगे ब्रह्माण्ड  कई
मानव जीवन न आता दोबारा, चाहे असंख्य  हो संसार कई
                                                                    MLJ / 17.9.2011


बेटी   पहले  देना  दाता  , बेटा   अगली   बार
धन दौलत न मांगू  तुमसे, देना सुखी परिवार
                                                 MLJ / 3.9.2011


घर घर घी के दीपक रोशन, खुश हो हर दिल  का कोना 
शुभ  दीपावली  मंगलमय  हो,  बरसे   घर   घर   सोना
                                                             MLJ /26 .10.2011



कुए  कुए  भांग  पड़ी है, घर  घर स्याह  अन्धेरा
सूरज कोई नया उगेगा , प्रफुल्लित होगा  सवेरा 
                                                   MLJ / 11.9.2011


अकर्मण्य , सवेंदनहीन, दायित्वों  से  भाग  रहे  है  लोग
फिर भी चल  रहे देश और दुनिया , अजीब सा है  संजोग
                                                                 MLJ / 9.12.2011
   

Mar 12, 2012

स्पंदन ( काव्य )

शिक्षा,  संस्कार,  सेवा  और  जागृत  समर्पण भाव
संपर्क, सहयोग हो  सदा, सुख  दुःख में  सम - भाव
संगठित,स्वाभिमानी समाज, सुसभ्य करे विकास
समस्त  मिल-जुल  कर रहे, " मोहन " करे  प्रयास

 ***

कर्म ही पूजा , कर्म ही ईश्वर, कर्म ही जगत आधार
कर्म बिना तो  मानव  जीवन, इस  भू  पर  है  भार
कर्म   गति  पर   होता  निर्भर ,  फलदायी  व्यापार
कर्म  बिना  तो  " मोहन " होता,  विषदायी   आहार

  ***

भाग्य - भरोसे   हीन -  जन ,   पाते   दुःख   अपार
ज्यों तूफ़ान में घिरा हुआ, बिन प्रक्रम डूबे मंझधार
खुद  ही  भाग्य  विधाता ,   लेकिन  ढूढें   यहाँ  वहां
" मोहन "  ऐसे   लोगों  से ,  भरा  हुआ  है  ये संसार
  
    
 

Jan 30, 2012

महात्मा गाँधी

काली  थी   तीस जनवरी , गोली  ले गई जान हत्यारी
ये खून गाँधी का ही नहीं था, खून से सनी जनता सारी
*    *     *
सत्य अहिंसा की ढाल से , भारत ये आजाद हुआ
हे  राम !  तेरे  ही देश में , अपनों  से  बर्बाद  हुआ
*   *   *
इतने  निष्ठुर  अंग्रेज  भी  न  थे, संघर्ष किया था वर्षों  तक
आजाद भारत ने दी मौत , दिया नहीं जीवन जीने का  हक़ 
                          *    *   *                          
लाठी धोती खादी चरखा , सत्य  अहिंसा से  तीखे वार
शासन विदेशी हिल गया, छोड़ भागे देश और व्यापार
*     *    *
जैसा सोच, वैसा ही व्यवहार, सरल सादगी ,शुद्ध आहार
सत्याग्रह के नए हथियार से लड़े , कभी नहीं मानी हार
*    *    *
जीवन भर अहिंसा से  लड़ने वाले , तोप बन्दूक के आगे न छुकने  वाले
आज ये क्या हो गया गाँधी तेरे ही आँगन , कांपें क्यों न हाथ गोली वाले
*    *    *
@ JANGIDML /20120130

Jan 9, 2012

माँ

  • सूना है इसके  बिना परिवार  , माँ बिना नहीं है संसार
  • माँ की ममता का नहीं है मोल , पैसे से न इसको  तौल
  • निश्वार्थ है  माँ का प्यार, वो ही कराती भव सागर पार
  • माँ दे सकती अपनी  जान, अरे नादाँ तू मत कर अपमान
  • भूखी प्यासी दुर्बल माता ,  होकर बड़ा तू भूल क्यों जाता
  • मान-सेवा ना कोई चाहत , रूखे बोल से होती वो आहत
  • इससे बड़ा न कोई दाधीच , रिणी  बहुत तू  ना आँखे  मींच  
  • स्वर्ग न मिलेगा माँ बिना , आशीर्वाद जब तक ना इसका मिला 
  • ईश भी झुकता माँ के आगे,  मांग ले तू जो कुछ भी मांगे 
  • संस्कार शिक्षा है इसकी देन, समझ ले इसके बिन बोले नैन 
  • धरती छोटी आकाश भी छोटा, माँ का दिल कभी ना खोटा 
  • jangid ml /20120109



Dec 28, 2011

सच्चे एक अकेले


हंसों  की  सभा  में , अब  अग्रणी  हुए    काग
सयानी  गिलहरी समझा , निकले काले नाग

सत्ता  शासन  मजबूर है , काबिज़  हुए  लादेन
मक्खन  मलाई  खा   रहे,   निर्बल  चाटे   फेन 

बदमाशों  का  समूह  होता, सच्चे एक अकेले
खोटे  कर  कर बढ़  चले , सच्चे   गए   धकेले

काम का बोझा वो ढोए , समझे जो अपना मान
बिन  किए सम्मान बटोरे, कर्मठ खालिश नाम

काम  बिना  दमड़ी  मिले, सम्मान मिले अपार
बातें  कर  कर उम्र  कटे,   भगवन  भी   लाचार
  •       JANGID MOHAN / 28-12-2011