0620 स्पन्दन : शरणार्थी
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घर छूटा परिवार छूटा, छूटा खेत खलिहान
दर-दर ठोकर खा रहे, होते सतत परेशान
न रोटी-पानी बिस्तर, टेंट में बेजान जीवन
कष्ट असुरक्षा विस्थापन, भटके हुए इंसान
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©Jangidml
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सन्दर्भ : विश्व शरणार्थी दिवस (World Refugee Day) 20 जून। 1951 से। राजनैतिक, युध्द, भूखमरी आदि कारणों से लोग अपना निवास स्थान / देश त्याग दूसरे स्थान / देशों की शरण में जाते है। मानवीय सभ्यता और व्यावहारिक रूप से यह अत्यंत कष्टमय। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट, 2018 के अनुसार 37000 लोग मजबूरी में अपना घर छोड़ रहे हैं प्रतिदिन। सबसे ज्यादा पलायन सीरिया से। माना जाता है कि विश्व भर में 2019 तक में करीब 7.8 करोड़ व्यक्ति विस्थापित (UNO)
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Jun 19, 2019
0620 शरणार्थी Refugee
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